विश्व तंबाकू निषेध दिवस - World No Tobacco Day 2020



     विश्व तंबाकू निषेध दिवस का उद्देश्य और इसका इतिहास क्या है ?


 क्या आपको पता है - WHO (world health organization) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक तम्बाकू अपने 50% सेवनकर्ताओंको मारता है ??


       विश्व स्वास्थ्य संगठन- WHO के अनुसार तंबाकू की वजह से दुनिया भर में हर साल 80 लाख से ज्यादा मौतें होती है। जिनमे से 70 लाख से अधिक मौतें प्रत्यक्ष तंबाकू के उपयोग का परिणाम हैं।

साल 1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तंबाकू के सेवन से होने वाली बिमारियों की वजह से मृत्युदर में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए इसे एक महामारी माना।

तंबाकू के सेवन से होने वाले दुष्परिणाम के प्रति लोगो में जागरूकता लाने  के उद्देश्य से विश्व स्वास्थ्य संगठन- WHO और सहयोगी राज्यों एवं सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओ द्वारा हर साल तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इतिहास में पहली बार 7 अप्रैल 1988 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस - World No Tobacco Day मनाया गया और इसके बाद हर साल 31 मई विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप में हर जगह मनाया जाने लगा। 



विश्व तंबाकू निषेध दिवस "थीम "- World No Tobacco Day 2020 "Theme"

WHO ऐसे कार्यो में केंद्र स्थान पर रहकर काम करती है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस को प्रभावी रूप से लोगो तो पहुँचाने के लिए साथ ही इस द्वारा लोगो को अधिक जागरूक बनाने के लिए WHO हर साल एक खास विषय को थीम के रूप में चुनती है। वर्ष 2020 की थीम है - "Protect Children and Adolescents From Industry Manipulation and Prevent Them From Nicotine and Tobacco Use" 

तंबाकू के खतरनाक नुकसान / परिणाम 

          दुनियाभर में इस वक़्त तंबाकू का सेवन करनेवालोंकी सख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। जिसमे युवावोंकी तादाद डरा देने वाली है।तंबाकू के सेवन से लोग सिर्फ उसके आदि नहीं हो रहे है  बल्कि उसकी गिरफ्त में भी कैद होते जा रहे है। तंबाकू का सेवन कई रुपों में किया जा सकता है जैसे सिगरेट, सिगार, बीड़ी, मलाईदार तंबाकू के रंग की वस्तु (टूथ पेस्ट), पाईप्स, गुटका, तंबाकू चबाना, सुर्ती (हाथ से मल के खाने वाला तंबाकू) आदि। 

          तंबाकू में निकोटीन काफी मात्रा में पाया जाता है; जिसके लगातार सेवन से व्यक्ति को उसकी आदत लग जाती है।तंबाकू का स्वस्थ्य पर होने वाला परिणाम सेवन करने वाले व्यक्ति पर निर्भर करता है;तंबाकू की मात्रा, व्यक्ति का वजन और उसके स्वस्थ्य पर निर्भर करता है। 
    
         वैश्विक स्तर पर तंबाकू सेवन पर बैन या इसे रोका जाना बहुत जरूरी है क्योंकि यह कई सारी बीमारियों का कारण बनता है। 



मुँह और दांतोंकी समस्या: जागतिक अध्ययन में यह पाया गया है केतंबाकू के अधिक सेवन से मुँह और दांतोंकी की कई समस्या निर्माण होती है। जिसमे सबसे खतरनाक है के इसके सेवन से मुँह में लूकोप्लेकिया होने का खतरा ज्यादा होता है।  यह एक प्रकार का सफ़ेद / भूरे रंग का धब्बा होता है जो बढ़ने से कैंसर का कारन भी हो सकता है।  दातों पर भी इसका असर होता है जिसमे दांतो पर पिले रंग के धब्बे लगना, मसूड़ों में तकलीफ, Cavity और दांतों का टूटना भी शामिल है।  
कैंसर: तंबाकू का सेवन करने से मुँह, गले, आंत , पेट और फेफड़े के कैंसर की अधिक सम्भावना होती है। महिलाओं में Cervical कैंसर का खतरा पाया जाता है।  
Pregnancy और Breast Feeding पर प्रभाव: तंबाकू का सेवन करने वाली गर्भवती महिलाओंके गर्भ में काफी तरीके के ड्रग्स प्रवेश कर जाते है। इससे जन्म लेने वाले बच्चे पपर काफी असर पड़ता है। बच्चे का वजन सामान्य से कम होता है और तो और Premature Delivery का खतरा भी बना रहता है।
Kidney पर प्रभाव: तंबाकू के सेवन करने वालों के Kidney पर इसका अतिरिक्त प्रभाव पड़ता है। जिससे किडनी ख़राब होने खतरा बना रहता है। 
हृदय पर प्रभाव: सिगरेट के धुँवे में मौजूद कार्बोन डाइऑक्साइड  खून की ऑक्सीजन वहन क्षमता को काम कर देता है। तंबाकू का सेवन करने वालों में उच्च रक्तदाब (ब्लड प्रेशर), हार्ट अटैक और हार्ट स्टोक का खतरा बढ़ जाता है। 

राष्ट्रिय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम 

         तंबाकू से जुड़े खतरे और उसके दुष्परिणाम को ध्यान में रखते हुए WHO ने कई कदम उठाये है। हर साल अनेको अभियानों द्वारा लोगो को जागरूक करने का काम WHO विविध देशो, सामाजिक संस्थाओ के सहयोग से करता है।   

भारत सरकार ने 2003 में राष्ट्रिय तंबाकू नियंत्रण कानून बनाया जिसे  "सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम" नाम दिया गया। इस कानून के तहत सामूहिक जगहों पर धूम्रपान करना मन किया गया है, 18 वर्ष से काम आयु के बच्चों को तंबाकूजन्य पदार्थ बेचना प्रतिबंधित किया गया है, स्कूल एवं सरकारी दफ्तर परिसर में तंबाकूजन्य पदार्थ बेचना मना किया गया है। 

जनजागृति कार्यक्रमोंके अंतर्गत इसके दुष्परिणाम लोगो तक पहुंचाए जाते है।  

हमारी जिम्मेदारी 

यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है के हम अपने आस पास के लोगो को तंबाकू के दुष्परिणाम बताये। अगर हम सब मिलकर तंबाकू उत्पादकों के इस्तेमाल का विरोध करेंगे तो भारत को स्वस्थ और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। 



आपके सुझाव और प्रतिक्रिया comment करके जरूर बताए।  
Previous
Next Post »